चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) को अल्बर्ट आइंस्टीन ने कथित रूप से "दुनिया का आठवां अजूबा" कहा था। साधारण ब्याज के विपरीत जहाँ ब्याज केवल मूलधन पर मिलता है, चक्रवृद्धि ब्याज में अर्जित ब्याज को मूलधन में जोड़ दिया जाता है और अगले चक्र में उस कुल राशि पर ब्याज मिलता है। इसे आम भाषा में "ब्याज पर ब्याज" कमाना कहते हैं। दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण और धन संचय में चक्रवृद्धि ब्याज सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड, पीपीएफ (PPF) या किसी अन्य बचत योजना में निवेश कर रहे हैं, तो चक्रवृद्धि की शक्ति समय के साथ आपके पैसे को घातांकीय (exponential) रूप से बढ़ाती है। हमारा ऑनलाइन चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर आपको विभिन्न अवधियों और चक्रवृद्धि चक्रों (वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक, मासिक या दैनिक) पर भविष्य के रिटर्न का सटीक पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है।
साधारण ब्याज केवल मूल राशि पर दिया जाता है और हर वर्ष समान रहता है। चक्रवृद्धि ब्याज में पिछले वर्षों के ब्याज को मूलधन में जोड़कर नए मूलधन पर ब्याज दिया जाता है, जिससे रिटर्न तेजी से बढ़ता है।
जितनी अधिक बार चक्रवृद्धि की जाएगी (जैसे वार्षिक की तुलना में त्रैमासिक या मासिक), ब्याज उतनी ही जल्दी मूलधन में जुड़ेगा और आपको उतना ही अधिक कुल रिटर्न मिलेगा।
72 का नियम यह जानने का आसान तरीका है कि आपका पैसा कितने समय में दोगुना होगा। 72 को अपनी वार्षिक ब्याज दर से विभाजित करें (जैसे 8% की दर पर 72 / 8 = लगभग 9 वर्षों में पैसा दोगुना होगा)।
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