ईएमआई (Equated Monthly Installment या समान मासिक किश्त) वह निश्चित धनराशि है जो किसी ऋणदाता या बैंक को हर महीने ऋण चुकाने के लिए दी जाती है। ईएमआई के दो मुख्य हिस्से होते हैं: मूलधन (Principal) का भुगतान और बकाया राशि पर लगने वाला ब्याज (Interest)। शुरुआत के महीनों में ब्याज का हिस्सा अधिक होता है, जबकि ऋण के अंतिम दौर में मूलधन का हिस्सा बढ़ता जाता है। हमारा ऑनलाइन ईएमआई कैलकुलेटर होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और एजुकेशन लोन के लिए बिल्कुल सही गणना करता है। यह रिड्यूसिंग बैलेंस मेथड (घटते मूलधन पर ब्याज) के आधार पर काम करता है, जिससे आपको पता चलता है कि आपकी जेब पर हर महीने कितना भार पड़ेगा और बैंक को कुल कितना ब्याज जाएगा।
रिड्यूसिंग बैलेंस में ब्याज केवल बकाया मूलधन पर लगता है जो हर महीने कम होता रहता है। फ्लैट दर में पूरे समय कुल लोन राशि पर ही ब्याज जोड़ा जाता है, जो काफी महंगा पड़ता है।
हाँ, लोन की अवधि (Tenure) बढ़ाने से हर महीने की ईएमआई कम हो जाती है, लेकिन लंबे समय तक ब्याज लगने के कारण कुल चुकाया जाने वाला ब्याज काफी बढ़ जाता है।
बिल्कुल। अतिरिक्त भुगतान सीधे मूलधन को घटाता है, जिससे बकाया राशि कम होती है और आने वाले महीनों का कुल ब्याज काफी घट जाता है।
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मासिक भुगतान (ईएमआई), कुल ब्याज की गणना करें और ऋण परिशोधन समय-सीमा देखें।
घटते ब्याज शेष के आधार पर अनुमानित ऋण विवरण।